सुना डॉलर फिर उपर चढ़ गया। हालांकि ये कॉमी, वामी, कांगी, और सनातन विरोधी देश और दुनिया के पत्रकार ये कहते सुने गए हैं कि रुपया नीचे आया है। लेकिन जैसा कि देश की महान अर्थ मंत्री निर्मला जी सीतारमन बता चुकी हैं कि रुपया नहीं गिरा है, डॉलर चढ़ गया है।
अब सवाल ये है कि देश की जनता को डॉलर की इस चढ़ाई पर खुशी मनानी चइए कि नई मनानी चइए। भई जब देश में डीयर फ्रेंड डोलांड का जन्मदिन मनाया जा सकता है, डीयर फ्रेंड डोलांड की जीत के लिए नारे लगाए जा सकते हैं, तो जाहिर है डोलांड की करेंसी यानी डॉलर की चर्ढ़ाइ पर खुशियां भी मनाई जा सकती हैं।
देश की समृद्धि इसी बात से जाहिर है कि सुना आई एम एफ नाम की एक संस्था है, इंटरनेशनल मोनेटेरी फंड जिसने रुपये की बेइज्जती की है। अब रुपये की बेइज्जती की गई तो बर्दाश्त थोड़े ही किया जाएगा, ठीक है डॉलर उपर चढ़ रहा है, हमें खुशी है कि हमारे डीयर फ्रेंड की करेंसी उपर जा रही है, लेकिन हम अपनी करेंसी की बेइज्जती नहीं सहेंगे, फौरन आर बी आई ने मोर्चा संभाला, और डॉलर की पूंछ पकड़ के थोड़ा सा नीचे गिरा दिया। हम लहुसन प्याज ना खाने वाले सनातनी हिंदू जो हैं, वो इसी तरह काम करते हैं, थोड़ा लटक-झटक कर, थोड़ा मटक-मटक कर। खैर डॉलर जो उपर जाता हुआ इतरा रहा था, उसकी तो हमने नटकन कम कर दी। हालांकि इससे भारत की करेंसी को घिसटने वाली व्यवस्था से बाहर नहीं निकाला जा सका, लेकिन जैसा कि निर्मला ताई ने कहा था।
रुपये के बारे में भ्रम फैलाने वाले सबको जेल भेजा जाएगा, कल तक अमरीका कहता था तुम क्या हो, आज जैसे ही हमने डॉलर को उपर चढ़ने से रोका हर भारतीय के, खासतौर पर सनातनी भारतीय के पेट से आवाज़ निकली
अच्छा रुपये की इस हालत से आप पर क्या फर्क पड़ा, ये सब फालतू बातें हैं, देखिए जी डी पी की ग्रोथ लगभग नौ नंबर को छू रही हैं, क्या इससे आपकी सेहत पर कोई फर्क पड़ रहा है? या फिर भारतीय अर्थव्यवस्था कदम-कदम करके पांचवे से चौथे, और चौथे से तीसरे पायदान पर चढ़ रही ह, इससे आपकी सेहत पर कोई फर्क पड़ रहा है क्या? नहीं, पैटोल वही नब्बे के उपर मिल रहा है, शायद जल्दी ही सौ पार हो जाए, दाल-चावल-आटा महंगा हो ही रहा है, लेकिन उससे भी आपकी सेहत पर तो कोई फर्क नहीं पड़ने वाला, क्योंकि अभी से ही करोड़ों परिवारों को हर महीना पांच किलो राशन मिल रहा है, कुछ दिन बाद हर परिवार को इसी राशन पर जीने का विकल्प मिलेगा। हर परिवार को महामानव की तस्वीर वाला एक झोला मिलेगा जिसमें पांच किलो राशन होगा, बस तीन दिन तो काम चलेगा, बाकी हरि भजन करो।
अब जिस जनता को महामानव पांच किलो राशन दे दें, वो क्यों तुम्हारे जी डी पी, और पी एच डी के झंझट में पड़ेगी भई। जनता के लिए सब सुखमय है, सब शानदार है, सब महामानवीय है। तुम क्यों इन वामियों की बातों में आते हो, तुम बाबा अनिरुद्धाचार्य की बातों में आओ, सनातन और भगवाए हिंद वाले बागेश्वर धाम की बातों में आओ, ज्ञानपीठ वाले पतित और नीच ब्राहमणों की सूचि निकालने वाले रामभद्राचार्य की बातों में आएं, क्यों बेकार ये जी डीपी समझने में लगे हैं। सच मानिए सब सनातन के हाथों में है तो सब शुभ ही होगा।
अभी देखिए भारत की अर्थव्यवस्था को चरम पर पहुंचाया जाएगा, जब भारतीय अर्थव्यवस्था चरम पर पहुंच जाएगी, तो भारत विश्वगुरु बन जाएगा, अभी तो सिर्फ जापानियों को चकमा दिया गया है, अभी बाकी देश भी कतार में लगे हुए हैं। हम धीरे-धीरे सबको नीचे कर देंगे, आप बस देखते रहो।
खैर डॉलर के उपर जाने की, ध्यान दीजिएगा, रुपया नीचे जाने की नहीं, बल्कि डॉलर के उपर जाने के कुछ विशेष कारण हैं, कारण जैसे देश में धर्म का हड़ास हो रहा है, आप ही देखिए आज से दस-पंद्रह साल पहले तक लोग कितनी सत्यनाराण की कथा करवाते थे, लीलावती और कलावती की कथा सुनते थे, पंजीरी खाते थे, चरणामृत पीते थे, और पंडीजी को दान-दक्षिणा देते थे, अब नहीं दे रहे। इसलिए दोस्तों, इसलिए इस देश की मुद्रा का जिसे अंग्रेजी में करेंसी कहते हैं, हड़ास हुआ जा रहा है।
लेकिन महामानव ने उसका भी उपाय निकाला है, अयोध्या में ध्वजारोहण कर दिया है, जिसकी वजह से डॉलर की थोड़ी बहुत टूटन संभव हो पाई है। लेकिन, लेकिन, लेकिन, अभी काम पूरा नहीं हुआ है, इसी वजह से मितरों, सनातन की रक्षा के लिए पदयात्रा करने वाले बागेश्वर बाबा के पैरों में छाले पड़ गए, और बिचारे को पश्चिमी दवाओं का सहारा लेना पड़ा, आफत इस कदर हो गई कि सुना उनके प्रवचनों में से रजाई-गद्दे चोरी होने लगे, बताइए धरम का ऐसा हड़ास होगा तो रुपया कैसे उपर चढ़ेगा। अब बताइए एक चमत्कार तो महामानव और निर्मला ताई के किए हो गया कि रुपया लगातार नीचे जा रहा था, लेकिन अर्थव्यवस्था लगातार उपर जाती जा रही है। अब मैं कोई अर्थशास्त्री नहीं हूं, इसलिए मेरी इल्तिजा है कि भई अगर कोई इस चमत्कार को एक्सप्लेन कर सके तो जरूर करे, कि जिस देश की करेंसी नीचे जा रही हो, उसकी अर्थव्यवस्था लगातार उपर कैसे चली जा रही है। और देखिए बेकार की तकनीकी बातें मत कीजिएगा, इस तरह बताइएगा कि कोई चौथी क्लास का बच्चा, या मान लीजिए महामानव भी समझ सकें कि ये चमत्कार हो कैसे रहा है।
खैर जनाब, हमें तो इसी बात की खुशी है कि महामानव के होते, उनके डीयर फ्रेंड की करेंसी यानी डॉलर उपर जा रहा है, बाकी निर्मला ताई ही इस बार भी समझाएंगी कि कैसे रुपया नीचे नहीं जा रहा है, बल्कि डॉलर उपर जा रहा है, आप रुपया मत देखिए, चश्मा गिर जाएगा, आप डॉलर देखिए ताकि टोपी गिर सके, या पगड़ी जिसे अंग्रेजी में इज्जत भी कहते हैं नीचे गिरने का खतरा हो तो वो भी मत देखिए, आप तो बाबा बागेश्वरधाम के पैरों के छाले देखिए जो पदयात्रा से हो गए, और उन्हें अस्पताल भर्ती होना पड़ा।
बकी चचा जो थे हमारे वो बहुत उम्दा एक शेर कह गए हैं इस मामले में, आप भी सुन लीजिए
डॉलर उड़ा, उड़ता ही गया, उड़ता ही गया
करेंसी और भी थी आसमान में बहुत सारी
रुपये का मत पूछो मेरे हमदम हाल ओ हिसाब
वो तो बस लुढ़कने में यकीन रखता है।
वाह, वाह भई वाह, चचा ने दिल जीत लिया। खैर हमारी यही दुआ है कि आई एम एफ जैसी संस्थाओं का झूठ पकड़ा जाए, और रुपये की इज्जत सबसे नीचे जाकर भी बनी रहे, बाकी जो है सो हइये है।
नमस्कार।
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